Delhi Election: OSD रिश्वत मामले में IAS के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी

Delhi Election 2020: मतदान से ठीक पहले सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी को उस समय तगड़ा झटका लगा जब उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ओएसडी को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद सीबीआई लगातार छापेमारी कर रही है.

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Delhi Election: OSD रिश्वत मामले में IAS के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी
Delhi Election 2020: उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के OSD गिरफ्तार (फाइल-PTI)
  • सीबीआई लगातार छापेमारी कर रही
  • धीरज के आवास की भी तलाशी जारी
Delhi Election 2020: दिल्ली विधानसभा के लिए 8 फरवरी को मतदान है, लेकिन उससे पहले सियासी पारा गरमाता जा रहा है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ओसडी गोपाल कृष्ण माधव को रिश्वत लेते सीबीआई ने गिरफ्तार किया है. सीबीआई अब इस मामले में लगातार छापेमारी कर रही है.
गोपाल कृष्ण माधव के मामले को लेकर सीबीआई ने एजीएमयूटी कैडर (AGMUT) के आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय के ठिकानों पर भी छापेमारी की.
सीबीआई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सीबीआई दिल्ली सरकार के अधिकारी गोपाल कृष्ण माधव के बारे में जांच कर रही है और रिश्वत केस में उदित प्रकाश राज के ऑफिस से कनेक्शन को लेकर जांच जारी है. कुछ अन्य जीएसटी अधिकारियों के कार्यालयों और एक अन्य धीरज गुप्ता के वजीराबाद स्थित आवास की भी तलाशी ली जा रही है.
5 फरवरी को हुई गिरफ्तारी
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) गोपाल कृष्ण माधव के बाद बिचौलिए धीरज गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि, उसे 5 फरवरी को ही गिरफ्तार किया गया था, लेकिन आज शुक्रवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक, दोनों पर दो दिन से नजर रखी जा रही थी.
सीबीआई ने 5 फरवरी को धीरज गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था लेकिन कोर्ट में आज पेशी की गई. वहीं, एक दिन बाद यानी 6 फरवरी को ओएसडी माधव को भी गिरफ्तार किया गया. धीरज गुप्ता बिचौलिए के रूप में काम करता था.
धीरज गुप्ता जीएसटी नहीं वसूलने के एवज में ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली कर रहा था. उसने 2,26,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी. रिश्वत की यह रकम ओएसडी माधव को दिया गया था.
OSD माधव की गिरफ्तारी पर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि अधिकारी को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. उन्हें पता चला है कि सीबीआई ने जीएसटी इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है.
शिकायत के बाद खुला राज
गोपाल कृष्ण माधव अक्टूबर 2019 से जीएसटी में तैनात हैं. एक ट्रांसपोर्टर ने शिकायत की कि जीएसटी अधिकारी जीएसटी का भुगतान किए बिना ट्रकों को छोड़ने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं. जीएसटी अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ता के 2 ट्रकों को जब्त कर लिया गया है. 3 लाख रुपये की मांग के बाद सिर्फ 2 बस ही छोड़े गए.
इन 3 लाख रुपये में से 2,26,000 रुपये धीरज गुप्ता (निजी व्यक्ति) को दिए गए. जब गुप्ता को गिरफ्तार किया गया तो उसने बताया कि पैसा नौकरशाहों को भेज दिया गया है.
माधव 2003 में बने हेड क्लर्क
2019 में उदित प्रकाश राय को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से दिल्ली स्थानांतरित किया गया था. वर्तमान में दिल्ली में अतिरिक्त आयुक्त के रूप में तैनात हैं.
माधव फरवरी 2003 में DSSB में बतौर हेड क्लर्क चयनित हुए. 2003 में वह शिक्षा विभाग में शामिल हुए और 2005 तक वहीं रहे. नवंबर 2005 से 2009 नवंबर तक वह बतौर इंस्पेक्टर फूड एंड सप्लाइज काम कर रहे थे. इसके बाद 2009 नवंबर से मार्च 2010 तक वह हेड क्लर्क पे एंड अकाउंट्स डिपार्टमेंट में तैनात थे.
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